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Friday, 1 August 2014

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ईद की खुशियों के बीच सात साल की मुस्कान को जीवनभर का दर्द मिला है। केआरएच के सर्जरी विभाग के वार्ड में पलंग नंबर 5 पर भर्ती नन्ही मुस्कान दर्द से कराह रही है। मुस्कान के लहूलुहान सिर के घाव तो चार-छह महीने में भर जाएंगे, लेकिन सिर पर अब दोबारा बाल नहीं आएंगे। यदि छह माह बाद बच्ची के सिर पर हेयर ट्रांसप्लांट ट्रीटमेंट कराया भी गया तो उस पर लाखों रुपए खर्च होंगे। शायद मजदूरी कर अपने पांच बच्चों का पेट पाल रहे गरीब पिता के लिए यह संभव न होगा।

इलाज में हो रही है लापरवाही :

रामदास घाटी के पास प्याऊ वाली गली में रहने वाले सोनू खान की सात साल की बेटी मुस्कान ईद के दिन झूला झूलते हुए गंभीर रूप से घायल हो गई। झूले की रॉड में मुस्कान के बाल चमड़ी सहित उखड़ गए। घटना के तत्काल बाद मुस्कान को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था। जहां से गुरुवार को उसे केआरएच के सर्जरी विभाग के वार्ड में पलंग नंबर 5 पर शिफ्ट कर दिया गया।

सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक मुस्कान और उसके परिजन डॉक्टर के इंतजार में बैठे रहे पर शाम तक यहां एक भी डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ नहीं पहुंचा। ऐसे में दर्द से कराह रही मुस्कान को क्या ट्रीटमेंट दिया जाएगा। उसे खाने में क्या देना है। कौन से डॉक्टर की यूनिट में उसे रखा गया है। परिजनों को कुछ नहीं पता।

सिर की पट्टी कितने दिन में बदलनी है, यह भी यहां कोई बताने वाला नहीं है। कई बार मुस्कान के पिता सोनू, मां शबनम, ताऊ सम्मा खान केआरएच की सीढ़ियां चढ़कर डॉक्टर्स ड्यूटी रूम के चक्कर काट आए पर वहां कोई सुनने वाला नहीं है।

आगे यह होगा ट्रीटमेंट

    सामान्य सर्जरी-घाव भरने और चमड़ी सामान्य होने में अभी चार से छह माह का समय लग सकता है।

    प्लाटिक सर्जरी - प्लास्टिक सर्जन बच्ची के सिर की सही स्किन सिर के दूसरे हिस्से पर ट्रांसप्लांट कर सिर की पूरी चमड़ी को एकसा करेंगे।

    हेयर ट्रांसप्लांट -जहां बालों वाली चमड़ी ठीक होगी उसके प्लास्टिक सर्जरी के माध्यम से ट्रांसप्लांट किया जाएगा।

    यह होगा खर्च - जब स्किन ठीक हो जाएगी तो उसके बाद हेयर ट्रांसप्लांट ट्रीटमेंट प्लान किया जाएगा। यह ट्रीटमेंट बेहद महंगा होता है। जिस पर करीब दो से तीन लाख रुपए का खर्च आएगा।

किशोरावस्था में हो सकेगा 'हेयर ट्रांसप्लांट'

मुस्कान का हेयर ट्रांसप्लांट ट्रीटमेंट किशोरावस्था में ही हो सकेगा। बच्चों के कभी भी हेयर ट्रांसप्लांट नहीं होता है। वहीं यदि सिर में बालों वाली चमड़ी होगी तो उसे ट्रीट कर प्लास्टिक सर्जरी के माध्यम से सिर पर ग्राफ्ट किया जाएगा। यदि बालों वाली चमड़ी नहीं बची होगी तो फिर हेयर ट्रांसप्लांट की संभावनाएं भी खत्म हो जाएगी।

शहर में नहीं हैं हेयर ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ

ग्वालियर में हेयर ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ नहीं हैं। यह उपचार प्रदेश में इंदौर और भोपाल में आसान है, लेकिन उपचार इतना महंगा है। ऐसे में समाज सहयोग करे तो ही मुस्कान की खुशियां वापस लौट सकती हैं।

इनका कहना है

'सबसे पहले बच्ची के सिर के घाव सही करना ही पहली प्राथमिकता है। घाव भरकर सिर को सही होने में करीब चार से छह माह का समय लग सकता है। उसके बाद ही प्लास्टिक सर्जरी या हेयर ट्रांसप्लांट हो सकता है। - डॉ. अचल गुप्ता, विभागाध्यक्ष, सर्जरी विभाग, जीआरएमसी,

' मुस्कान के सिर पर यदि बालों वाली चमड़ी नहीं बची होगी तो हेयर ट्रांसप्लांट संभव नहीं है, क्योंकि हेयर ट्रांसप्लांट में बालों वाली स्किन का होना बहुत जरूरी है। वहीं यह ट्रीटमेंट काफी महंगा भी है। -डॉ. अनुभव गर्ग, चर्मरोग विशेषज्ञ, जीआरएमसी

आप भी कर सकते हैं मदद

मुस्कान एक गरीब परिवार की बेटी है। उसके पिता सोनू खान दालबाजार में हम्माली करते हैं और उनकी माली हालत ऐसी नहीं है कि वह उसका इलाज लंबे समय तक ठीक से करा पाएं। आप मुस्कान की मदद कर सकते हैं। नईदुनिया मुस्कान को हर संभव सहायता दिलाने का प्रयास करेगा। आप भी मदद करना चाहते हैं तो सीधे परिवार को या नईदुनिया के इवेंट हेड सौरभ शर्मा के नंबर 9752599701 पर संपर्क कर सकते हैं।

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