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Wednesday, 3 September 2014

Balajipurm sai statue gone the temple management decisions

मंदिरों से साईं प्रतिमाओं को हटाने धर्म संसद द्वारा दिए फैसले का पालन करते हुए बैतूल जिले में स्थित श्रीरुक्मणी बालाजी मंदिर बालाजीपुरम से साईं प्रतिमा हटाई जाएगी। बुधवार से प्रतिमा हटाने के लिए मंदिर के पुजारियों की सलाह पर कार्य प्रारंभ किया जाएगा।

देश में पांचवे धाम के रूप में विख्यात बालाजीपुरम में एक दशक पूर्व साईंबाबा का मंदिर निर्माण कर प्रतिमा स्थापना की गई थी। बालाजीपुरम के संस्थापक सैम वर्मा ने बताया कि धर्म संसद से बढ़कर कोई नहीं है। जब उसके द्वारा फैसला सुना दिया गया है तो हमें उसका पालन करना ही है। इसी के चलते मंदिर से साईं बाबा की प्रतिमा को हटाया जाएगा।

श्री वर्मा ने बताया कि बुधवार को मंदिर के पुजारियों से चर्चा की जाएगी और उनके द्वारा सुझाए गए विधि-विधान के अनुसार प्रतिमा को हटाने के लिए प्रक्रिया प्रारंभ होगी।

धर्म संसद को मिले संवैधानिक दर्जा

सैम वर्मा ने बताया कि मंगलवार को उन्होंने रायपुर में जगतगुरू शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद को अपनी भावना से अवगत करा दिया है। धर्म संसद को संवैधानिक दर्जा दिलाने की मांग को लेकर साल के अंत में बालाजीपुरम में दो सैकड़ा से अधिक धर्मगुरुओं का मंथन कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय भी लिया गया है। यहां से पूरे देश में धर्म संसद को संवैधानिक दर्जा दिलाने की मांग उठेगी।

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