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Wednesday, 2 July 2014

Amarnath came for darshan of innocent travelers on bicycle

साइकिल पर तेरह हजार किलोमीटर की यात्रा तय कर चुके वीराब्राह्मणा सूर्य चंद्र शंकर नारायण दूसरी बार श्री अमरनाथ के दर्शनों के लिए जम्मू भगवती नगर पहुंचे। शिवभक्तों के साथ बम-बम भोले के जयघोष लगाते हुए नारायण ने कहा कि वह यहां से करंट रजिस्ट्रेशन करवा बुधवार को साइकिल पर ही अगले पड़ाव की ओर प्रस्थान करेंगे।

हाल ही में चार धाम की यात्रा समाप्त कर चुके नारायण ने बताया कि वह दिल्ली से 4 मई को श्री अमरनाथ यात्रा के लिए निकले थे। अपने आप को भोले का परम भक्त बताते हुए नारायण ने बताया कि वह कैलाश मानसरोवर की यात्रा भी कर चुके हैं और उस दौरान वह भगवान शिव के दरबार में पांच दिन रहे थे। अपनी इस यात्रा के दौरान वह केवल जूस या पानी का ही सेवन करते हैं। अन्न, फलाहार का सेवन वह केवल सोमवार को ही करते हैं। बम-बम भोले के जयघोष लगाते हुए नारायण ने कहा कि यदि भोले ने चाहा तो वे हर साल साइकिल पर श्री अमरनाथ यात्रा में शामिल होने आएंगे।

भोले के भजनों के साथ कट जाएगा सफर

मुंबई के अकोला क्षेत्र से बाबा बर्फानी के दर्शनों के लिए भगवती नगर आधार शिविर पहुंचे बजरंग मंडल के सदस्यों ने कहा कि भोले की दिव्य महिमा उन्हें दूसरी बार इस यात्रा पर ले आई है। उनके साथ पहली बार कई नए साथी भी आए हैं जो बाबा के दर्शनों की इच्छा रखते हैं।

करीब तीन दिन बाद जम्मू पहुंचे इन श्रद्धालुओं का कहना है कि सफर काफी लंबा है परंतु भोले के प्रति उनकी आस्था दुर्गम से दुर्गम यात्रा को भी आसान बना देगी। बजरंग मंडल के सदस्य आशीष ने कहा कि मंडल में शामिल सदस्य अपने साथ ढोल आदि लेकर आए हैं और जब कभी मौका लगता है तो वे भजनों में लीन हो जाते हैं। उनके साथ यात्रा पर आने दूसरे श्रद्धालु भी भगवान शंकर की भक्ति में मंत्रमुग्ध होकर नाचने लगते हैं, यह उन्हें खुशी देती है।

मंडल सदस्यों ने कहा कि बुधवार सुबह वह यात्रा के अगले पड़ाव के लिए रवाना हो जाएंगे। जैसा वह तय करके आए थे आगे बाबा बर्फानी के द्वार तक का दुर्गम मार्ग भी भजनों के बीच ही तय करेंगे। सदस्यों ने कहा कि यह श्री अमरनाथ की कृपा का ही असर है कि वे हर साल इस यात्रा में शामिल होते हैं।

Tuesday, 1 July 2014

Amarnath-yatra-yatri-niwas-clutter

श्री अमरनाथ यात्रा के लिए 1458 श्रद्धालुओं का तीसरा जत्था बालटाल के लिए रवाना हुआ। यात्री निवास भगवती नगर से रविवार सुबह कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच रवाना हुए जत्थे में 1097 पुरुष, 203 महिलाएं, 13 बच्चे और 145 साधु शामिल थे, जो 46 वाहनों में सवार होकर यात्रा पर रवाना हुए।

यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी शुरू हो गई है। पहलगाम के रास्ते यात्रा शुरू न होने पर श्रद्धालु बालटाल ट्रैक से यात्रा पर जा रहे हैं। प्रशासन ने साधुओं को भी यात्रा पर भेजना शुरू कर दिया है। हालांकि साधु यात्रा के पारंपरिक रूट पहलगाम से ही यात्रा पर जाते हैं, लेकिन तीसरे दिन साधुओं को यात्रा पर भेज दिया गया क्योंकि उनमें रोष व्याप्त था।

पहले दो दिन यात्री निवास में श्रद्धालुओं की संख्या कम होने के बाद अब भीड़ बढ़ने लगी है। अधिकतर श्रद्धालु यात्री निवास में पहुंचे बिना यात्रा पर रवाना हो रहे हैं। श्री अमरनाथ श्रईन बोर्ड के चेयरमैन राज्यपाल एनएन वोहरा सोमवार को पहलगाम रूट का जायजा लेकर फैसला करेंगे कि एक जुलाई से यात्रा शुरू होगी या नहीं। पहलगाम रूट पर अभी भारी बर्फ जमा है।

बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए 1458 श्रद्धालु रवाना-

बाबा अमरनाथ यात्रा के आधार शिविर यात्री निवास भगवती नगर में फैली अव्यवस्था से श्रद्धालुओं को भटकने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। प्रशासन की नाकामी से श्रद्धालु खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर हैं। स्थिति यह है कि अगर कोई श्रद्धालु यात्री निवास से बाहर घूमने-फिरने या खाने-पीने के लिए बाहर जाता है तो फिर उसे अंदर प्रवेश करना मुश्किल हो जाता है।

शिरडी से आए पांच श्रद्धालुओं ने पंजीकरण स्लिप के साथ अंदर प्रवेश किया और स्लिप एक यात्री के पास थी। जब अन्य चार श्रद्धालु यात्री निवास से बाहर आए तो उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। हालांकि उन्होंने सुरक्षा कर्मियों से आग्रह किया कि उनके साथ आए चौथे यात्री के पास स्लिप है, लेकिन उन्हें अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया। कुछ यात्री मोबाइल का सिम कार्ड लेने के लिए बाहर आए तो उन्हें अंदर जाने नहीं दिया जा रहा था। ऐसा ही कुछ यात्री निवास में नजर आ रहा है।

यात्री निवास में तीन हजार से अधिक श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था है और यात्रियों की संख्या कम है, लेकिन यात्री बाहर दरबदर हो रहे होते हैं। जिन श्रद्धालुओं का पंजीकरण नहीं हुआ है, उन्हें अंदर जाने की इजाजत नहीं है। कानपुर से आए श्रद्धालु भी परेशान दिखे। कुछ का करंट पंजीकरण हो गया और कइयों का नहीं हुआ है। ऐसे में उन्हें समझ नही आ रहा कि वे एक साथ यात्र कैसे करेंगे। वे फिर करंट पंजीकरण के लिए लाइन में लगेंगे। पंजीकरण में नंबर आएगा या नहीं, यह मालूम नहीं। उन श्रद्धालुओं को भी यात्री निवास में अंदर प्रवेश नही करने दिया जा रहा है, जिनका पंजीकरण एक दो दिन बाद का है। इस बारे में जम्मू के डिवीजनल कमिश्नर शांतमनु का कहना है कि निर्धारित तिथि वाले श्रद्धालुओं को ही एक दिन पहले अंदर प्रवेश करने की इजाजत है। बाबा अमरनाथ यात्रा के प्रबंधों का जायजा लेने के लिए मंत्री व प्रशासनिक अधिकारी यात्री निवास आते रहते हैं, लेकिन श्रद्धालुओं की परेशानी दूर नहीं हो रही है।

Source: Spiritual Hindi Stories & Rashifal 2014

Religion 35000 pilgrims had darshan of himaling

समुद्र तल से 13,800 फीट की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा में करीब 34,635 यात्रियों ने हिमलिंग के दर्शन किए। पंजीकरण की जटिलता को देखते हुए श्रद्धालु बगैर पंजीकरण करवाए ही यात्रा के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में यात्रा को संभाल पाना सुरक्षा बलों और प्रशासन के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रही है। गुफा के आसपास व्यवसायिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे लोग श्रद्धालुओं से लूटखसोट कर रहे हैं।

श्री अमरनाथ की पवित्र गुफा में ऑक्सीजन की कमी के चलते बुजुर्ग और बच्चों को सांस संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। गुफा में यात्रियों के बढ़ते रश के चलते टेंट व खाने-पीने का सामान बेचने वाले व्यापारी यात्रियों से मुंहमांगा दाम वसूल रहे हैं। टेंट में प्रति व्यक्ति ठहरने के लिए अक्सर सौ रुपये लेने की बजाय यात्रियों से प्रति व्यक्ति पांच सौ रुपये वसूले जा रहे हैं।

इसी प्रकार घोड़े एवं पालकी वाले भी श्रद्धालुओं से जिला प्रशासन द्वारा तय दामों से अधिक वसूल रहे हैं। पवित्र गुफा में दर्शनों के लिए कतारों को सही ढंग से न लगाने से श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस सुपरिंटेंडेंट अमरनाथ गुफा शिव दीप सिंह जम्वाल के अनुसार श्रद्धालुओं को ठगने की शिकायत पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि यात्रा के तीसरे दिन सोमवार को 14,635 यात्रियों ने दर्शन किए। इससे पहले यात्रा के पहले दिन शनिवार को 8,899 और दूसरे दिन रविवार को 11,182 यात्रियों ने दर्शन किए।

religion current registration of devotees grew in2150

श्री बाबा अमरनाथ की यात्रा पर जाने के इच्छुक श्रद्धालुओं के लिए करंट पंजीकरण की व्यवस्था शुरू होने के दूसरे दिन दो हजार से अधिक श्रद्धालुओं का पंजीकरण किया गया। हालांकि रविवार को भी केवल बालटाल मार्ग से यात्र करने के लिए पंजीकरण किया गया। यह पंजीकरण पहली जुलाई के लिए किया गया है।

जम्मू हाट में पहली जुलाई के लिए 500 श्रद्धालुओं के पंजीकरण का कोटा था, लेकिन यह कोटा सुबह ग्यारह बजे ही समाप्त हो गया। बाद में 250 श्रद्धालुओं का पंजीकरण करने का अतिरिक्तकोटा मिला, लेकिन यह भी दोपहर ढाई बजे तक समाप्त हो गया। जम्मू रेलवे स्टेशन पर वैष्णवी धाम व सरस्वती धाम में एक हजार श्रद्धालुओं का करंट पंजीकरण किया गया। साधु-संतों के लिए गीता भवन व पुरानी मंडी स्थित राम मंदिर में भी करंट पंजीकरण की व्यवस्था की गई। गीता भवन व राम मंदिर में भी कोटे के तहत निर्धारित साधुओं का पंजीकरण पूरा किया गया। रविवार को 2150 श्रद्धालुओं का करंट पंजीकरण किया गया।

Friday, 27 June 2014

28 will not start Amarnath Yatra from Pahalgam

पहलगाम रूट से बाबा अमरनाथ यात्रा को फिलहाल तीन दिन के लिए स्थगित कर दिया गया है। इस रूट पर भारी बर्फ जमा होने के कारण यात्रा निर्धारित तिथि 28 जून से शुरू नहीं होगी। इसका फैसला राज्यपाल एनएन वोहरा की अध्यक्षता में बुधवार को हुई उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया। अलबत्ता, बालटाल रूट से यात्रा 28 जून से ही शुरू हो जाएगी।

राज्यपाल और श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एनएन वोहरा ने पवित्र गुफा स्थल, पंजतरणी यात्रा कैंप, शेषनाग यात्रा कैंप का दौरा किया। पंजतरणी-महागुनस टाप-शेषनाग रूट पर डेढ़ फीट तक बर्फ जमा है। राज्यपाल ने बर्फ जमा होने से उत्पन्न स्थिति का जायजा लेने के बाद वहां पर सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ व अन्य अधिकारियों से बातचीत भी की।

यात्रा मार्ग का दौरा करने के बाद राज्यपाल ने डीजीपी के राजेंद्रा, डिवीजनल कमिश्नर कश्मीर शैलेंद्र कुमार, आइजी कश्मीर अब्दुल गनी मीर, श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के सीईओ आरके गुप्ता व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। डीजीपी और आइजी कश्मीर ने भी शेषनाग तक यात्रा मार्ग का जायजा लिया। बैठक में व्यापक विचार-विमर्श के बाद फैसला किया गया कि पहलगाम यात्रा मार्ग पर भारी बर्फ जमा होने के कारण यात्रा निर्धारित तिथि 28 जून से शुरू करना मुश्किल है। राज्यपाल ने आदेश दिए कि बर्फ हटाने के काम में तेजी लाएं और नियमित तौर पर काम की प्रगति का जायजा लिया जाए।

फैसला किया गया कि जिन श्रद्धालुओं का पहलगाम रूट से यात्रा पंजीकरण 28 जून से 30 जून के बीच है, वे अगर चाहे तो बालटाल रूट से यात्रा कर सकते हैं। यह भी फैसला किया गया कि 30 जून दोपहर बाद राज्यपाल फिर से स्थिति का जायजा लेंगे कि क्या इस मार्ग से एक जुलाई से यात्रा शुरू की जा सकती है या नहीं।

Bomb - bomb filled with naive Yatri Niwas

शहर के भगवती नगर स्थित यात्री निवास बम-बम भोले के जयकारों से गूंज उठा है। पूरे साल वीरान रहने वाला यात्री निवास वीरवार दोपहर से ही श्रद्धालुओं से गुलजार हो गया। देर शाम तक यात्री निवास श्रद्धालुओं से भर गया।

शुक्रवार सुबह श्रीनगर के बालटाल के लिए श्रद्धालुओं का पहला जत्था रवाना हुआ। इस जत्थे में रवाना होने वाले श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। वे पूरे उत्साह के साथ बाबा भोलेनाथ के जयकारे लगा रहे थे और खुद को धन्य महसूस कर रहे थे। वहीं, यात्रियों की सुविधा के लिए यात्री निवास में पूछताछ केंद्र के अलावा बस बुकिंग काउंटर भी बनाए गए हैं, जबकि वहां पर स्वास्थ्य सुविधाएं भी प्रशासन की ओर से मुहैया करवाई गई हैं। यात्रियों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए पर्यटन विभाग के आला अधिकारी यात्री निवास में खुद मोर्चा संभाले हुए थे।

वहीं, यात्री निवास की सुरक्षा में पुलिस के अलावा सीआरपीएफ की विशेष बटालियनों को तैनात किया गया है। डीआईजी शकील बेग ने भी सुरक्षा का जायजा लेने के लिए यात्री निवास का दौरा किया। उन्होंने श्रद्धालुओं से भी बात की।

शकील बेग ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा पुलिस की जिम्मेदारी है। जम्मू-कश्मीर पुलिस व अन्य सुरक्षा एजेंसियां मिलकर यात्रा की सुरक्षा संभाले हुए है। वहीं, बाबा अमरनाथ के दर्शनों के लिए देश के दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं का कहना है कि वे बेखौफ होकर यात्रा के लिए आए हैं। उन्हें पूरा भरोसा है कि बाबा भोलेनाथ उनकी यात्रा सुखमय बनाएंगे।

देर शाम तक सूचना न मिलने से खफा थे श्रद्धालु- पहलगाम मार्ग से यात्रा रोके जाने के बाद उन श्रद्धालुओं को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा, जिन्होंने इस मार्ग से यात्रा पंजीकरण करवाया था। यात्री निवास पहुंचे उन यात्रियों को देर शाम तक इस बात की जानकारी भी मुहैया नहीं करवाई गई कि क्या वे शुक्रवार को जम्मू से रवाना होंगे या नहीं। यात्रियों में इस बात को लेकर काफी रोष था और वे प्रशासन पर बदइंतजामी के आरोप लगा रहे थे। वेस्ट बंगाल से आए सैबाल घोष ने बताया कि वे सुबह से इस बात की जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं कि उन्हें बालटाल से भेजा जाएगा या नहीं, लेकिन यात्री निवास में उन्हें कोई कुछ भी बताने को तैयार नहीं हैं।

वहीं, राजस्थान से आए अन्य श्रद्धालु मनोज ने बताया कि वे बस टिकट लेने के लिए काउंटर पर गए थे, लेकिन उन्हें यह कह कर टिकट नहीं दिया गया कि अभी प्रशासन ने पहलगाम से जाने वाले श्रद्धालुओं के बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं की है। श्रद्धालुओं में इस बात को लेकर काफी रोष व्याप्त था कि पूछताछ केंद्र में तैनात कर्मी से भी उन्हें सही जानकारी हासिल नहीं हो रही है और वे यात्रा को लेकर असमंजस में है।

वहीं, जब पर्यटन विभाग के निदेशक सौजन्य शर्मा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जिन श्रद्धालुओं का शुक्रवार को पंजीकरण है, उन्हें हर हाल में जम्मू से बालटाल के लिए रवाना किया गया। और फिर चाहे उस श्रद्धालु का पंजीकरण पहलगाम से ही क्यों न हो। उन्होंने श्रद्धालुओं से मुलाकात कर उन्हें यात्रा पर रवाना करने का भरोसा दिलाया जिसके बाद श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली।

Bhole Baba devotees ready BSF for security and convenience

श्री अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए बीएसएफ पूरी तरह तैयार है। बीएसएफ इस बार श्रद्धालुओं को सुरक्षा कवच उपलब्ध कराने के साथ स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रदान करेगी। इस बीच, बीएसएफ महानिदेशक डीके पाठक ने बुधवार को बालटाल, पंचतरणी और पवित्र गुफा तक यात्रा प्रबंधों का जायजा लिया।

बीएसएफ प्रवक्ता ने बताया कि हमारी 25 कंपनियां बालटाल और पहलगाम के रास्ते पवित्र गुफा तक श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए तैनात रहेंगी। इसके अलावा 15 डॉग स्क्वाड भी होंगे और यात्रा मार्ग पर आतंकियों के किसी भी खतरे की आशंका को देखते हुए एक बम निरोधक दस्ता भी तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि हम अपनी तरफ से कोई भी चूक नहीं छोड़ना चाहते। इसलिए बीएसएफ महानिदेशक डीके पाठक ने खुद सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया है। उन्होंने यात्रा ड्यूटी पर तैनात बीएसएफ के अधिकारियों व जवानों के साथ भी मुलाकात कर सुरक्षा प्रबंधों पर संतोष जताया है।

प्रवक्ता ने बताया कि इस बार यात्रा मार्ग पर पंचतरणी, महागणोश टॉप और पिस्सूटॉप के आस-पास हिमस्खलन के दौरान किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं की मदद और बचाव के लिए मरूटेन व स्नो रेस्क्यू में विशेषज्ञ बीएसएफ के बचावकर्मियों का एक दल भी तैनात किया गया है। श्रद्धालुओं को यात्रा मार्ग पर होने वाली स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के मद्देनजर 10 जगहों पर हमारे स्वास्थ्य शिविर भी हैं। इनमें बीएसएफ के डाक्टर व पैरामेडिकल कर्मी आवश्यक चिकित्सा उपकरणों व दवाओं के साथ यात्रा के दौरान 24 घंटे उपलब्ध रहेंगे।

Source: Spiritual Hindi Stories & Hindi Rashifal 2014

Make secure better coordination Amarnath Yatra

जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी के राजेंद्रा ने बुधवार को कहा कि बेहतर समन्वय से राज्य पुलिस व सुरक्षाबल श्री अमरनाथ यात्रा को कामयाब बनाएंगे। इस दौरान हर खुफिया सूचना का आदान-प्रदान कर सुनिश्चित किया जाएगा कि यात्रा में कोई खलल न पड़े।

डीजीपी ने पहलगाम व बालटाल का दौरा कर अधिकारियों को कड़ी सर्तकता बरतने के निर्देश भी दिए। हर संवेदनशील इलाकों पर कड़ी नजर रखने के साथ उन्होंने खुफिया शाखा को भी सक्रिय बनाने पर जोर दिया। डीजीपी ने यात्रा की सुरक्षा को लेकर की गई फाइनल तैयारियों का भी जायजा लिया। उन्होंने यात्रा मार्ग के कई हिस्सों का दौरा कर अधिकारियों से सुरक्षा हालात के बारे में जानकारी भी ली। यात्रा मार्ग के अहम हिस्सों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। डीजीपी ने यात्रा के दौरान पूरी सर्तकता बरतने पर जोर देते हुए कहा कि सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए हर आने-जाने वाले की तलाशी ली जाए। साथ ही ध्यान रहे कि यात्रियों को कोई परेशानी न हो। डीजीपी के साथ यात्रा मार्गो का दौरा करने वालों में आइजी एजी मीर, डीआइजी विजय कुमार, एसएसपी समेत अन्य कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी शामिल रहे।

Source: Spiritual News in Hindi & Rashifal 2014