धर्मशास्त्र में बासे भोजन को त्याज्य यानी त्यागने योग्य कहा गया है। यह तामसी होने से बुद्धि को मंद करने वाला होता है। लेकिन यह कुछ विशेष परिस्थितयों में यह औषधि कार्य करता है।
दरअसल शीतला सप्तमी-अष्टमी बासा भोजन करने से रक्त के दबाव यानी ब्लड प्रेशर पर नियंत्रण होता है। जिससे रोगी को आराम मिलता है।
गधा है वाहन
मां शीतला शीत की देवी हैं। मां का वाहन गधा है। वह इसलिए क्योंकि गर्दभ (गधा) चंद्र शक्ति प्रधान जीव है। चंद्र शक्ति प्रधान जीवों की विशेषता रहती है कि वे चंचल, चुलबुले, तत्काल बिगड़ उठने वाले और असहनशील नहीं होते हैं। यह शांत स्वभाव के होते हैं।
मां शीतला का वाहन गधा संकेत देता है कि आक्रमण के समय अधीर नहीं होना चाहिए। कहते हैं कि शीतला रोग (छोटी माता) में गर्दभी का दूध, गधा जहां लोटता है उस स्थान की मिट्टी और गधों के संपर्क का वातावरण ठीक माना जाता है।
दरअसल शीतला सप्तमी-अष्टमी बासा भोजन करने से रक्त के दबाव यानी ब्लड प्रेशर पर नियंत्रण होता है। जिससे रोगी को आराम मिलता है।
गधा है वाहन
मां शीतला शीत की देवी हैं। मां का वाहन गधा है। वह इसलिए क्योंकि गर्दभ (गधा) चंद्र शक्ति प्रधान जीव है। चंद्र शक्ति प्रधान जीवों की विशेषता रहती है कि वे चंचल, चुलबुले, तत्काल बिगड़ उठने वाले और असहनशील नहीं होते हैं। यह शांत स्वभाव के होते हैं।
मां शीतला का वाहन गधा संकेत देता है कि आक्रमण के समय अधीर नहीं होना चाहिए। कहते हैं कि शीतला रोग (छोटी माता) में गर्दभी का दूध, गधा जहां लोटता है उस स्थान की मिट्टी और गधों के संपर्क का वातावरण ठीक माना जाता है।
Source: Spiritual News in Hindi & Hindi Rashifal 2014

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