Thursday, 11 September 2014

Champa janjgir district 100 workers trapped in flash floods in jammu

जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के बाद आई बाढ़ में केरा के 100 से मजदूर विभिन्न स्थानों पर फंसे हैं। इनमें ज्यादातर लोग लद्दाख व अनंतनाग में के साथ पूंछ व राजौरी क्षेत्र में फंसे हुए हैं। इससे गांव में रह रहे परिजनों की चिंता बढ़ गई है। सरपंच के माध्यम से उन्होंने प्रशासनिक मदद की गुहार लगाई है।

पलायन के नाम से अभिशप्त जिले के मजदूर बड़ी संख्या में देश के विभिन्न प्रांतों में काम की तलाश में जाते हैं। ज्यादातर लोग जम्मू-कश्मीर व पंजाब के ईंट भट्टे में काम करते हैं। नवागढ़ ब्लाक के ग्राम पंचायत केरा से भी बड़ी संख्या में लोग कमाने-खाने पहुंचे हैं। इनमें से लगभग 100 लोग जम्मू-कश्मीर के लद्दाख, अनंतनाग, पूंछ राजौरी व अन्य स्थानों में काम की तलाश में गए थे और वहां की विभिन्न ईंट भठ्ठों में मजदूरी कर रहे थे। वहां भारी वर्षा के बाद आई बाढ़ में लगभग 100 मजदूर घिर गए हैं।

ये हैं मुसीबत में

केरा के शंकर धीवर ने मोबाइल पर अपने परिजनों से संपर्क कर यह जानकारी दी। केरा के सरपंच लोकेश शुक्ला ने बताया कि गांव के रतन लाल धीवर, श्यामलाल धीवर, शिव कुमार धीवर, हेमलाल धीवर, दिलीप धीवर, कार्तिक राम धीवर, रविशंकर धीवर, लखुरहीन धीवर, अशोक कुमार धीवर, सत्यनारायण धीवर, बिट्टू बाई धीवर, ज्योति धीवर, बुटाना धीवर, सविता धीवर, अंजलि भीष्म, दिलीप कुमार, गणेशराम आदित्य, चौरसिया आदित्य, गुरूबारी बाई आदित्य, भैयाराम केंवट, फिरत राम केंवट, संतराम केंवट, सुशीला केंवट, समारू केंवट, मसतराम देवांगन, लक्ष्मीप्रसाद साहू, लल्लू भीष्म, नारद सतनमी, गंगाबाई केंवट, मोतीलाल केंवट, रथबाई केंवट, अंतराम केंवट, साधराम केंवट, शंकर केंवट, हीरालाल, करन केंवट, ऋतु केंवट, छठ बाई केंवट, पांचो बाई केंवट सहित अन्य लोग घिर हुए हैं।

सरपंच श्री शुक्ला ने बताया कि उन्होंने मौखिक सूचना एसडीएम को दी है। वहीं सभी मजदूरों की सूची बनाकर जिला प्रशासन को भी दी जाएगी। बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित वापस लाने के लिए प्रशासन से मांग की जाएगी। ज्ञात हो कि खोखरा, धुरकोट व सिवनी के 83 मजदूर भी जम्मू, अनंतनाग, उधमपुर, कटरा, टाकापुरा व अन्य स्थानों में फंसे हैं। इनमें से कुछ मजदूरों द्वारा गांव में चार दिन पहले मोबाइल से संपर्क किया गया तब प्रशासन ने एक टीम गठित कर मंगलवार को जम्मू-कश्मीर रवाना किया। टीम में पामगढ़ तहसीलदार गौतम कुर्रे, श्रम निरीक्षक शशिकांत पाण्डेय, अकलतरा के एएसआई टीआर देवांगन व अन्य लोग शामिल हैं।

जम्मू पहुंची टीम

मजदूरों को वापस लेने गई टीम बुधवार की रात 10 बजे जम्मू पहुंची। गुरुवार से टीम के लोग विभिन्न राहत शिविरों में जिले के मजदूरों की तलाश करेंगे और जो मुश्किल में है उन्हें वापस लाया जाएगा। हालांकि वहां जिले के मजदूरों को तलाशना आसान काम नहीं है। कश्मीर में जगह-जगह से सड़क मार्ग कट गया है। जिले के मजदूर भी जम्मू से लेकर बार्डर तक अलग-अलग स्थानों में कार्य कर रहे हैं। ऐसे में उनकी जानकारी हासिल करना मुश्किल है।

''टीम जम्मू पहुंची है, वहां से राहत कैम्पों में मजदूरों की जानकारी ली जाएगी। केरा के मजदूरों के पᆬंसे होने की सूचना परिजनों ने नहीं दी है। हालांकि टीम को जिले के जितने भी मजदूर मिलेंगे उन्हें सकुशल लाया जाएगा चाहे व किसी भी गांव के हों।''

राकेश आदिले, श्रम पदाधिकारी

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